मोबाइल फोन से निकलने वाली रेडियोफ्रीक्वेंसी (आरएफ) के संपर्क में ग्लियोमा, ध्वनिक न्यूरोमा, लार ग्रंथि ट्यूमर या मस्तिष्क ट्यूमर का जोखिम बढ़ने से कोई संबंध नहीं पाया गया।
अध्ययन दर्शाते हैं कि किस प्रकार विद्यमान स्मार्टफोन प्रौद्योगिकी का उपयोग, इंटरनेट से जुड़े नैदानिक उपकरणों के साथ मिलकर, संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों की भविष्यवाणी और नियंत्रण के लिए किया जा सकता है।